SACHIN KUMAR SONKER 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत शीर्षक (रह जाने दो।) 31019 0 Hindi :: हिंदी
शीर्षक (रह जाने दो।) मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) रहने दो मेरे दिल कि बाते, मेरे दिल में ही रह जाने दो। उन्हें कुछ पल और मेरे साथ बिताने दो। मत छीनो उनसे मेरा साथ उन्हें मेरे और क़रीब आने दो। उनको सिर्फ मेरा ही बन जाने दो। अरमानों की बस्ती मुझे मेरे दिल में ही बसाने दो। ये ख्वाब सिर्फ मेरे है इसे सिर्फ मेरा ही बन कर रह जाने दो। मेरे दिल कि गहराईयो में इसे समा जाने दो। उनके साथ बिताये हर लम्हे को मेरा बन जाने दो। उनकी यादों को मेरे दिल में ही बस जाने दो। उनकी यादों के समुँदर में मुझे गोते लगाने दो। मत जगाओ मुझे मेरे ख्वाबों से मुझे उनके ख्वाबों की ताबीर सजाने दो। मुझे इन ख्वाबों को सच का जामा पहनाने दो। दूरियों को नजदीकियों में तप्दील हो जाने दो। उनकी साँसों को मेरी हर साँस बस जाने दो। उनके पास होने का अहसाह मेरे जेहन में आने दो। उनकी दूरी में भी उनके होने का अहसास हो जाने दो। मेरी मुफ़लिस को उन्हें सवारने दो। उनके आँखो की गहराइयों में मुझे डूब जाने दो। उनकी जुल्फों के साये में मुझे जन्नत बसाने दो। मत छीनो उनकी की भी चीज को इसको सिर्फ मेरा ही रह जाने दो।