Abhinav chaturvedi 30 Mar 2023 कविताएँ देश-प्रेम Abhinav chaturvedi 56180 0 Hindi :: हिंदी
*कविता- भारत के वीर सैनिक/सिपाही* 🇮🇳 तैनात खड़े जो सरहद पर वीर सैनानी भारत के, दुश्मनों को देते चुनौती सरहद की भीतर आने पे। लिखीं शहीदों के विधियों में शामिल स्वर्ग में एक लेख है- लड़ते मारते बढ़ते आगे- जो करते सरहद की देख रेख हैं। उन शहीदों के शव के दर्शन भी लगते चारों धामो में एक हैं। घर मे महफूज़ बैठें हैं हम, कारण देश के सैनिक हैं, देश सुरक्षित है हमारा, कारण देश के सैनिक हैं। ईद, दीवाली, होली, पर भी-उनको अपना सरहद सबसे प्यारा है, जिनके लिए नए कपड़ों से अधिक, तिरंगा सबसे न्यारा है। आतंकवाद,घुसपैठिये, जब हदे पार कर जाते हैं, आगे बढ़ते-बढ़ते,जब देश की सरहदें लांघ जाते हैं। उनको देश के सैनिक सही राह दिखाते हैं, उनके भाषा मे उनको स्वाद चखाते हैं। जो अड़े कदम हैं सैनिक के, उनका कोई मोलभाव नही, क्या बस रिश्ते-नातों के ही भाव हैं मन मे, देश के सैनिकों के लिए कोई सद्भाव नही? जोड़े हाँथ साथ मे हम, याद करें हर त्योहार में हम। सैनिक भी हमारे लिए एक वरदान हैं, सरहद पर जो तैनात खड़े हैं वीर- सास्वत रब है,खुदा है, भगवान है।।