Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

Monu kumar 15 Jul 2026 कविताएँ समाजिक HARD WORK 150 0 Hindi :: हिंदी

# **बिन लड़े, बिन मरे**

बिन लड़े, बिन मरे,
हार कैसे मान लें?

योद्धा हैं हम,
वीर हैं हम,
हार कैसे मान लें?

बिन लड़े, बिन मरे,
युद्ध से भाग कैसे जाएँ?

अभिमन्यु की भाँति,
अकेले खड़े हैं युद्ध में।
बिन लड़े, बिन मरे,
हार कैसे मान लें?

चाणक्य की नीति पढ़कर,
खड़े हैं इस मैदान में।
ईरान से सीखा है,
हार नहीं मानना।

बिन लड़े, बिन मरे,
हार कैसे मान लें?

चीन से सीखा है,
दुश्मन को निगलना।
अशोक से सीखा है,
धरती को जीतना।

बिन लड़े, बिन मरे,
हार कैसे मान लें।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: