MUKESH KUMAR DHODHAWAT 01 Aug 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत # दोस्त सफ़र ए जिंदगानी # 12632 0 Hindi :: हिंदी
सफर ए जिंदगानी में कुछ ऐसे दोस्त बन जाते है जो याद रह जाते हैं जो अनजाने में हमारी रूह को पहचान जाते है वो हमे अक्सर में बस ट्रेन में मिल जाते है जो हमारे मन को समझ जाते है वो हमे मन की बात बता जाते है सफर ए जिंदगानी मे कुछ ऐसे दोस्त बन जाते... अनजाने साथी कभी हमें पानी पिलाकर कभी चाय कभी प्यारी बात कर कर हमारे दिलों में घर कर जाते है सफर ए जिंदगानी मे कुछ ऐसे दोस्त बन जाते है जो...… दूरियों के फासले कम करेंगे सफर छोटा है लम्बी है जिंदगानी फिर मिलेंगे फिर मिलेंगे ऐसा हर बार कह जाते है सफर ए जिंदगानी मे कुछ ऐसे दोस्त बन जाते है जो याद रह जाते हैं मुकेश कुमार धोधावत 7726075950