Meena ahirwar 02 Apr 2025 कविताएँ समाजिक कविता- प्रेरणादायक, 30314 0 Hindi :: हिंदी
सम्मान भी हो, स्वाभिमान भी हो जिस घर में रहूँ ,वहाँ मान भी हो आपने भी हो ,जहाँ,अपनापन भी मिले बस ऐसा प्यारा सा, परिवार भी हो मिठास भी हो ,खटास भी हो पर संबंधों को ,ना तोड़ने का रिवाज़ भी हो जहाँ भूल भी ,हो और माफ़ी भी एक दूसरे को समझने का, खूबसूरत सा एहसास भी हो. बस ऐसा प्यारा सा, परिवार भी हो नाम- मीना अहिरवार, जिला- छतरपुर (म .प्र)