shivkumar barman 08 Apr 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत #कविता95 #कविता #कविता_हिंदी 20442 0 Hindi :: हिंदी
सब्र जाने है महोब्बत मे क्या क्या करना पड़ता है आ ही गया ना आख़िर सब्र तुम्हें भी आना ही था कोई और ज़रिया ही कहाँ था। कब तक लड़ते, कब तक झगड़ते ख़ुद से कब तक चीखते दिल ही दिल में और कब तक ख़ुद को ख़ुद ही मनाते रहते। कोई नहीं आया ना ख्याल पूछने ? कोई नहीं आया ना सवाल पूछने ? सबने पूछा होगा ना कैसे हो तुम ? मगर कोई नहीं आया ना दिल का हाल पूछने ? जैसे तुम हो गये हो ना मैं भी ठीक वैसा ही हो गया हूँ। ख़ुद को अब खुद भी समझ नहीं आता ना जाने मैं कैसा हो गया हूँ। आ तो गया है सब्र मगर बहुत कुछ खोना पड़ा है। मैं जानता ही नहीं था कि कितना अकेले रोना पड़ा है.....! ❤️🌷