महेश्वर उनियाल उत्तराखंडी 21 Jun 2026 कविताएँ प्यार-महोब्बत 3162 0 Hindi :: हिंदी
‘‘प्रियतम आने वाला है’’ सात रंगो से सजा मौसम बड़ा निराला है, सुना है मैने आज मेरा प्रियतम आने वाला है। कोयलिया भी गा रही है नाच रहे है मोर आज मुझे लगता है, जैसे खींचे कोई डोर। पूछ रही थी मेरी सखियां कि चेहरा बड़ा उजाला है, सुना है मैने आज मेरा प्रियतम आने वाला है। अंखियों के हम चोर थे दिल के हम दिवाने थे, हम तो जलते दीपक थे वो मेरे परवाने थे। फड़क रही है आंख मेरी कुछ तो होने वाला है, सुना है मैने आज मेरा प्रियतम आने वाला है। नदी और झरने भी आज मिलकर गा रहे , बाहरें है जिनसे सारी वो है आज आ रहे। मुझको तो लगता है जैसे, दाल में कुछ काला है, सुना है मैने आज मेरा प्रियतम आने वाला है। जो रस्में-कस्में खायी हमने उन्हें जीवन भर निभायेंगे, हर जनम में हम दोनों बस साथ-साथ आयेंगे। सात फेरों का वचन वो आज निभाने वाला है, सुना है मैने आज मेरा प्रियतम आने वाला है। गांव की गलियों में देखें बचपन के कुछ सपने थे, लोग पराये लगते थे बस वो ही मेरे अपने थे। आंखों में बसा है जो सपना अब सच होने वाला है, सुना है मैने, आज मेरा प्रियतम आने वाला है। रचनाकार- महेश्वर उनियाल 7579155644