मोती लाल साहु 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत प्रेम का गुण ही है सुगंध चाहे लाख छुपाओ उठता ही है महक ! 117616 0 Hindi :: हिंदी
प्रेम का गुण ही सुगंध, लाख छुपाओ मगर। है ना हीं किसी के वश, उठता ही है महक।। मोती-
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