Meenubaliyan 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक नये रिस्तो का संसार 52104 1 5 Hindi :: हिंदी
बेटी से ज़ब बहु बनी मै नये रिस्तो से बंध गई मै, माँ बाप मिले पर मेरी जिद पूरी कर ना सके छोटे भाई बहन मिले जो मेरी डाट सह ना सके जिनके हाथो मे हाथ दिया सदा साथ निभाने का वादा किया, बराबर है हम कह तो दिया पर दर्जा तो औरत का ही दिया, पढ़ लिख कर बन गई डॉक्टर फिर रह गई औरत है सुनकर, कब तक औरत को दबाओगे कब तक ना मान बढ़ाओगे, औरत से है दुनिया सारी औरत ही सबसे दुःखियारी,......
2 years ago
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