Abhay singh 22 May 2023 कविताएँ देश-प्रेम शिवम् 12759 0 Hindi :: हिंदी
भारत का नव युवक युग की लहरों में आज उभर रहा है, नवयुवक का नया अध्याय लिख रहा है। शक्ति से भरी इसकी आधी चल रही, सपनों को पंख देकर वो उड़ रही थी। सौर्य से बढ़ती चांदनी का माहौल, लड़के की रोशनी सबके बीच में छा रही है। साहस से शिकायत कर रहा हूं, प्रतियोगिताओं में विजय घन चा रहा है। अटैचमेंट और हर मुश्किल का सामना करता है, सपनों को पाने का एक ही आदर्श रखता है। न किसी सीमा से बंधा, न रोक जा सका, देखता है वो मंजिलों का ठिकाना है। भारत के लाल हैं वे, गर्व से राष्ट्रीयता में सदृश्य हैं, देश के सपनों को वही संजोते हैं। वे समर्पित हैं जनहित को, विज्ञान, कला, साहित्य में वे मग्न रहते हैं। अच्छे नागरिक, अच्छे बेटे, अच्छे भाई हैं, कर्तव्यों का हमेशा पालन करते हैं। समाज के निर्माण में उनका योगदान नहीं छूटता, दूसरों के साथ संवाद में उनका मन बसा रहता है। आज के लड़के नहीं हैं रु ✍️शिवम्