Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

न जाने बो कैसे थे

Rupesh Singh Lostom 30 Mar 2023 कविताएँ देश-प्रेम न जाने बो कैसे थे 41406 0 Hindi :: हिंदी

न जाने बो कैसे थे 
किस मिटी से बने थे 
न टूटते थे डंडो से 
न हारते थे पंगो से 
चाहे बिरोधी अपना हो 
या कपटी अंग्रेज 
किसी से नहीं डरते थे 
न जाने बो कैसे थे 
बो कैसा मंजर होगा 
माँ का सीना झांझर होगा 
जब भगत सुखदेव और 
राजगुरु को 
सूली पे चढ़ाया होगा 
तब माँ भारती भी 
रोई होगी 
न जाने बो कैसे थे 
जब जलीय बाला था 
खून में लथपथ 
तब कहा गए थे गाँधी बाबा 
नेहरू चाचा क्यों चुप थे 
न जाने बो कैसे थे 
किस मिटी से बने थे

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: