Ranjana sharma 30 Dec 2024 कविताएँ दुःखद # Google#sad poetry# 39606 0 Hindi :: हिंदी
मौत आनी है तो आएगी ही किसी ना किसी बहाने बुलाएगी ही तुम जाना चाहो या ना चाहो तुम्हारे ऊपर नहीं है वो आवाज़ देगी तो दौड़ लगानी ही होगी अपने जुल्म का हिसाब देनी ही होगी राज छुपाओ कहीं कोई ऐसी जगह ना होगी मिट्टी की देह है मिट्टी में मिल जानी ही होगी जितना भी घमंड करो अपनी सुन्दरता पर एक दिन ढलनी ही होगी पहन लो चोला लाखों करोड़ों की पर अपना सर उसके सामने झुकानी ही होगी अमीर - गरीब का कोई भेदभाव नहीं सफेद कफ़न में ही सबको एक दिन जानी ही होगी!!🕉️ धन्यवाद