Rakshi 15 Feb 2025 कविताएँ अन्य 18975 0 Hindi :: हिंदी
21 मेरी मां प्यारी मां नहीं है तुझसा कोई मेरी मां तेरी सूरत है कितनी भोली भर दे ममता से मेरी झोली जग से न्यारी तेरी बोली सो जाऊं सुनकर तेरी एक लोरी करती है मुझको प्यार इतना आसमान में तारे जितना Rukhsar parveen