संदीप कुमार सिंह 08 Jul 2026 कविताएँ समाजिक मेरी यह दोहा कविता ज्ञान वर्धक है. इसे आप लोग अवश्य पढ़ें. 792 0 Hindi :: हिंदी
मनचाहा किसको मिला,बिरले ऐसे लोग। पूर्ण करो सब आरजू,खूब करो तुम भोग।। सबके जीवन में यहाँ ,जीवन साथी खास। किस्मत की तो बात है,फिर भी हो नव प्यास।। जिसका भी हो यदि यहाँ ,पूर्ण धनिक परिवार। शिक्षा का जब साथ हो,मिलता सब अधिकार।। भाई उसके बाद तो ,खुशियों में दिन रात। बाधा तो आते रहे,रखो मधुर दृढ़ नात।। सदा काम देगा नहीं ,रूप रंग रस नाम। जिसकी जैसी भावना,वैसा ही परिणाम ll (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....