Himanshu chandra pandey 30 Sep 2025 कविताएँ अन्य #bachpan 22465 1 5 Hindi :: हिंदी
मानव जीवन का आधार है बचपन खट्टी-मीठी यादों का सावन है बचपन दुनिया ज़माने की चिंता को परे रख बेफिक्री से जीवन जीने का नाम है बचपन मानव मन का मीत है बचपन उम्र ढ़लने पर याद आता बचपन पुरानी संजोई यादों के सहारे जीवन को दर्शाता बचपन छल-कपट द्वेष भावना से दूर है बचपन जीवन जीने का सही सलीका है बचपन निर्मल मन का भाव है बचपन माता-पिता का लाड प्यार है बचपन ईश्वर का बाल रूप है बचपन गिरकर सवरने का काल है बचपन दादी-नानी की कहानियो का ज्ञान है बचपन गुड्डे गुड़ियों की कहानी सा बचपन सोचो यदि इस बात की कल्पना की जाए समस्त मनुष्यों के मन बचपन जैसे निर्मल हो जाए तो सोचो हमारे देश की क्या ठाठ होगी छुआछूत, जुर्म, धार्मिक उन्माद और भ्रष्टाचार कोसों दूर की बात होगी समाज निर्माण मे है बचपन का अहम योगदान क्योंकि इसमे शामिल है संस्कार, ज्ञान और सम्मान यही है इस रचना का सार मेरा बचपन मेरे वर्तमान जीवन का आधार
9 months ago