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लड़ना बढ़ना This post in Under Review

संदीप कुमार सिंह 17 Jul 2026 कविताएँ समाजिक #Google Search Bar #How Earn To Money #How Learn To Published Poem #How Earn To Sympathy 65 0 Hindi :: हिंदी

लड़ना बढ़ना है तुझे,जीत यहां सब जंग।
खुद पर हो विश्वास जब,जीने में तब रंग।
यहाँ  गीरते  हैं  सभी,बढ़ते हैं  जाँबाज़ _
कल तुझ  पर जो  थे हसे,आज  मिलेंगे  दंग ll
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह*Author*

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