Suraj pandit 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत Love 55265 0 Hindi :: हिंदी
कमलो सो लागत
रंग प्रीत के,
हे गहरे रंग छुपाई।
जलज शोभे जलनग्म मे ,
हे प्यारो संसार कहाई ।
प्रीत छाया कृष्ण के,
जग, प्रीत मे समाई ।
एक प्रीत हि सच जग के,
राधा- कृष्ण जग कहाइ।
होवत ना संसार प्रीत के,
है एसो संसार रचाई।
जग सुना प्रीत के,
है, उलाल्स जग मे समाई।
ना सीमा प्रीत के,
है अंनत तक जाई।
प्रीत छाया कृष्ण के ,
जग ,प्रीत मे समाई।
प्रीत कण कण के,
है फूलो मे गीत रचाई।
कहत सूरज गीत पुराण के,
प्रीत ही जग कहाई।
--------- सूरज पंडित