आकाश अगम 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक #हिंदी कविता #उलझन #poetry #Akash Agam #आकाश अगम #Akash Chauhan 83936 0 Hindi :: हिंदी
किसको अपना दुश्मन कर लूँ किसको अपना यार करूँ
समझ नहीं आता है मेरे किसको कितना प्यार करूँ।।
फ़ोन करो तो वो कहते हैं नालायक को काम नहीं
नहीं करो तो वो कहते हैं याद हमारा नाम नहीं
आगे कुआँ पिछाई खाई अब मैं किसको पार करूँ
समझ नहीं आता है मेरे किसको कितना प्यार करूँ।।
मम्मी पापा बड़े शौक़ से दो दो घर बनवाते हैं
जब दो बच्चे उनके बचपन पार नहीं कर पाते हैं
दो भाई को अलग करन में किसको जिम्मेदार करूँ
समझ नहीं आता है मेरे किसको कितना प्यार करूँ।।