Niharika Senapoti 20 Nov 2025 कविताएँ अन्य खो जाना 9388 0 Hindi :: हिंदी
मेरी आशाएँ आसमान से बरखा जैसे, झूम-झूम गिरती हैं। मेरे सपने सागर की लहरों जैसे, हँस-हँस उछलते हैं। सफ़ेद बादलों की गोद में सोना है, मुझे बस सोना है। अकेले चाँद को छाती से लगाना है, प्यार से बाँधना है। विद्रोही साँसों में तूफ़ान समेटना है, ज़ोर से कसना है। हवा की तरह गायब हो जाना है, बस खो जाना है।