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करना कभी न ख़ुदकुशी

संदीप कुमार सिंह 10 Sep 2026 कविताएँ समाजिक #Kavita #Geeta #Gajal #Shero_Shayri #Muktak #Chhand#Poet #Poem 4151 0 Hindi :: हिंदी

#विधा_दोहा_मुक्तक 
करना  कभी न ख़ुदकुशी,जीवन  है अनमोल।
जीना  डटकर  है  यहाँ ,खुलकर  सबसे  बोल।
असफलता  से हार मत, कोशिश कर के  जीत-
दुनिया  बड़ी  हसीन  है,मन  की आँखें खोल।।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप  कुमार  सिंह*Author*

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