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जी करता है तेरा बचपन मैं अपने आंखों में समेट लूं

Ranjana sharma 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत Google 120152 0 Hindi :: हिंदी

जी करता है तेरा बचपन 
मैं अपने आंखों में समेट लूं
ऐ वक़्त बीतता जाएगा और तू बड़ा होते जाएगा 
पर,तेरा बचपन सदा मेरी आंखों में रहेगी 
तेरी ए मासूमियत भरी मुस्कान 
तेरा ओ हकला  के बोलना 
कहीं से भी आना मम्मी - मम्मी पुकारना
तेरी एक मुस्कुराहट पे मेरा दिल ए पिघले
ऐ कैसी ममता है जो तुझपे न्यौछावर करने को दिल चाहे
काश ! ऐ पल यूं ही थम जाए 
पर , ए वक़्त का बीतना ही समय का पड़ाव है
तेरा यूं तेजी से दौड़ना फिर गिरने पे रोना 
मन को तकलीफ तो देती है पर ये
बचपन फिर लौट कर भी न आती है।
जी करता है तेरा बचपन 
मैं अपने आंखों में समेट लूं।।
         धन्यवाद

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