Ujjwal Kumar 05 Jun 2023 कविताएँ अन्य Sad memories 41034 2 5 Hindi :: हिंदी
आज मन थोड़ा उदास है, सुख की लगी थोड़ी सी प्यास है। ऐसा नहीं कि झोली है खाली, कुछ और पाने की अभी भी आस है। भावों के तारों में रिश्ते अभी भी कसे हैं मधुमय पल आज भी यादों में बसे हैं पर फीकी लग रही आज ये मिठास है, आज मन थोड़ा उदास है। जतन से भरे हैं जीवन के रंग सभी, अच्छे ही लगते थे कूची के ढंग सभी। वही तस्वीर आज आती नहीं रास है, आज मन थोड़ा उदास है। ✍स्वरचित रचना✍ 🙏उज्जवल कुमार🙏