Ajay kumar suraj 13 Apr 2025 कविताएँ देश-प्रेम #जालियावाला बाग_श्रद्धांजलि #jaliyanvala_bagh #shahed_udham singh 28430 0 Hindi :: हिंदी
जालियावाला बाग श्रद्धांजलि बाग में गूँजी थी चीख़ें, रक्त से रंगी ज़मीं, वीरता की गाथा रची, शहीदों ने जो दीं। हुआ बलिदान अपार, सन्देश बना अमर, हमेशा याद रखेंगे, उनकी वह शहादत भर। गोली की आवाज़ ने हर दिल में दस्तक दी, गुज़रे जो दिन वो न भूलने वाली थी। फूलों से चिताओं तक, गवाह हुआ धरा, जो वीर मरे वहाँ, उनका ध्यान रहे सदा। सैनिकों के शहीद हो, यह याद सबको रहे, भारत माता की छाती पर, वो लहू बहे। त्याग, बलिदान और संघर्ष की ये कहानी, हर हृदय में हो, यही हमारी दीवानी। प्यारा यह बाग़, जहां बहे शहादत के दरिया, अब भी गूंजती हैं वहाँ, उन बहादुरों की ध्वनियाँ। हम फिर न भूलेंगे उनका वह यथार्थ संघर्ष, उनकी क़ुर्बानी से ही तो आया यह समृद्ध भारत-रक्ष। जय हिंद! अजय कुमार सूरज