Avnish Dutt 14 Apr 2026 कविताएँ देश-प्रेम Poetry of Dr. B.R. Ambedkar, Ambedkar ji k liye kavita, kavita of Dr. Ambedkar, Savidhan ki kavita, poetry of Constitution, Dr. Ambedkar k samman mai kavita, Dr. Ambedkar k jivan par kavita, poetry of life of Dr. Ambedkar 10739 0 Hindi :: हिंदी
हमारे भीम सोच थी उसकी निराली, जानता था नही बजती एक हाथ से ताली, जब भी देता नई सोच वो,, होता उसका पुरजोर विरोध जो, पर यह उसके अपने संघर्ष की कहानी थी,, हारने नहीं देना धर्म को ठानी थी, परिस्तिथियां उसके जीवन की भी विपरित थी, पर निष्ठा राष्ट्र के प्रति दृढ़ थी, बना दिया हम सब का अभिमान, जिसे आज जन जन कहता है, यह है हमारा📘 संविधान