Vipin Bansal 30 Mar 2023 कविताएँ देश-प्रेम 137691 0 Hindi :: हिंदी
कविता = ( हिन्दी ) अमृत महोत्सव भी बना लिया ! सीना गर्व से फूला लिया !! हर घर तिरंगा फहरा लिया ! आज़ादी नगमा गुन गुना लिया !! हम हुए आज़ाद ! सोच बीमार हुई है !! अपनी मातृभाषा अपने ही हाथों ! आज शर्मसार हुई है !! अपने ही घर में देखो ! आज मेहमान हुई है !! हिन्दी आज ग़ुलाम हुई है ! हिन्दी आज ग़ुलाम हुई है !! ब्रिटिश हुकूमत को भगा दिया ! अंग्रेजी कल्चर अपना लिया !! ऊँचा उठने की चाहत ! जड़ों को अपनी हिला दिया !! हिन्द दरख़्तों की शांख पर ! ब्रिटिश फल लगा दिया !! सफलता की सीढ़ी अंग्रेजी ! हिन्दी क्यों अभिशाप हुई है ? सरकारी महकमों में अंग्रेजी ! माई बाप हुई है !! हिन्दी आज ग़ुलाम हुई है ! हिन्दी आज ग़ुलाम हुई है !! कुरुक्षेत्र में ज्ञान बताया ! श्रीमद्भगवद्गीता में ब्रह्माण्ड समाया !! अमृत बन बरसी वाणी ! महर्षि वेदव्यास जी ने लिखी कहानी !! वेद शास्त्र रचे जिससे भ्राता ! संस्कृत से जन्मी हिन्दी भाषा !! गंगा सी शीतल पावन वाणी ! क्यों अपवित्र आज हुई है ? हिन्द की यह अमृत वाणी ! क्यों ज़हर हुई है ? हिन्दी आज ग़ुलाम हुई है ! हिन्दी आज ग़ुलाम हुई है !! हम हिन्द हिन्दी हमारी ! यह पहचान न मिटे हमारी !! आओ करें जंग की तैयारी ! हिन्दी का परचम आओ लहराए !! इसका खोया स्वाभिमान लौटाएं ! आओ इसको घर वापस लाएं !! सभी भाषाओं का सम्मान करें ! मातृभाषा सबसे पहले इसका ध्यान करें !! श्री कृष्ण मुख से निकली जो अमृत वाणी ! श्रीमद्भगवद्गीता सार हुई है !! हिन्द दिल हिन्दी धड़कन ! हिन्दी श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान हुई है !! क्यों फिर हिन्दी ग़ुलाम हुई है ? क्यों फिर हिन्दी ग़ुलाम हुई है ? विपिन बंसल