Ratan kirtaniya 30 Mar 2023 कविताएँ धार्मिक जीवन रूपी नाव को प्रभु के द्वारा कूल तक ले जाना है । 44877 0 Hindi :: हिंदी
पूजू पद तुम्हारा -
असमंजस में डोलता तरी हमारा ,
चढ़ाऊँ पद में फूल -
डूब रही तरी ;
हे प्रभु ! दिखाओं मुझे कूल ,
विपदाओं से करों रक्षा -
तेरा पद का शरणार्थी ;
मैं हूँ प्रार्थी -
जीवन रथ को -
कूल तक ले जाओं बन के सारथी ।
न दिलाओं सांत्वना ;
तरी डूब रहा -
जीवन का अंतका क्षण ;
निकल जाएगा प्राण ,
सम्मुख मेरे गाओं श्री हरि का गान ,
तरी फँस गया भ्रंवार में ,
हे प्रभु !
विपदाओं से मुझे करों रक्षा ,
आश्रय है आप पे -
तरी को ले जाओं कूल तक ;
संकेत है उपवन का काँटों से फूल तक ,
जीवन जीने का शिक्षा ,
भ्रंवार में है तेरा प्रतिक्षा ।
मैं क्षीण - क्षीण शिति - दीन ;
रहता हूँ क्षुधा प्रतिदिन -
न मिट रहा न मिटा पाया ,
तेरे भक्ति का क्षुधा ;
तुम हो मेरे अगुआ ,
डूब रहा तरी मेरा लेकर दुख -
मेरा जीवन का अंतका क्षण ;
निकल जाएगा प्राण ,
दे दर्शन ! दिखाओं मुख ,
कूल में है जीवन का चरम सुख ।
मैं थक गया झेलकर दुख ;
बोझ हैं भारी -
सृष्टि में मिला क्षति ही क्षति -
अत्रुनीर से दृगों हैं भरी ,
अत्रु में जीवन तरी डूबकर ;
कहीं चला न जाए प्राण काया को छोड़कर ,
हे प्रभु !
मुझ पे दया करों ;
सुख - दुख से परे पथ चुनकर ,
मेरे जीवन तरी को ले जाओं कूल पर ।
रतन किर्तनिया
छत्तीसगढ़
जिला :- काँकेर
पखांजुर
मो,* 9343698231