Poonam Mishra 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक सूरज भास्कर को प्रणाम 49846 0 Hindi :: हिंदी
सप्ताहिक प्रतियोगिता विषय--- सूर्य ,भास्कर, काव्यागन 19/1/2023 हे !भास्कर शब्दों के माध्यम से मैं आपकी क्या महिमा करूं । हे !भास्कर किस ग्रह से आज मैं आप की तुलना करूं। हे! भास्कर हर सुबह आपके किरण से जब मिलती है मेरी नजर । क्या कहूं? उस दृश्य को लग जाए ना मेरी नजर । सूर्य , कि वह लालिमा दे जाती है मुझे जीवन नया । शाम को न जाने क्या दे जाते हैं संदेश यहां। हे !भास्कर आपकी ही रोशनी से जगमगाता है मेरा जहां । भास्कर! आपकी ही रोशनी से मेरी हर सुबह आबाद है। स्वरचित लेखिका पूनम मिश्रा उत्तर प्रदेश वाराणसी