Anilkumar Rathwa (Sameer) 16 Aug 2025 कविताएँ धार्मिक हनुमान – भक्ति और शक्ति का स्वरूप 16770 0 Hindi :: हिंदी
वन की वाणी, वायु का बेटा, भक्ति का सागर, शक्ति का देता। माँ अंजना की गोदी का गहना, संकटमोचन, जग का सहारा। राम नाम ही जिनकी सांसों में, सीता मैया जिनकी आसों में। पवनपुत्र जब दौड़ लगाते, समुद्र-पर्वत सब झुक जाते। लंका जलाई, रावण थर्राया, रामदूत का परचम लहराया। लक्ष्मण के प्राण बचाने आए, संजीवनी पर्वत ही ले आए। विनय में बड़े, पर बल में अपार, हर भक्त के रक्षक, दीनन के द्वार। जहाँ गूँजता है “जय श्रीराम”, वहीं बजरंगी करते हैं काम। घमंड न छू सका उस वीर को, भक्ति बाँध लाई भगवान के द्वार को। राम के चरणों में अर्पित जीवन, यही है हनुमान का सच्चा चिंतन। आज भी जब संकट भारी हो, मन में निराशा अंधियारी हो— स्मरण करो बस हनुमान का नाम, कट जाएगा हर दुख, मिटेगा हर घाव।