मोती लाल साहु 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत दिलरुबा के दीदार को तड़पता है जब दिल, चाहे लाख हो दूरी बिन पंख उड़ता है मन- प्रियसी मिलन को ! 35985 0 Hindi :: हिंदी
दिलरूबा का जब दीदार, को तड़पता है दिल। जतन जो अब करो लाख, बिन पंख उड़ता वह।। मोती-
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