Baba ji dikoli 24 Aug 2023 कविताएँ देश-प्रेम Chandrayan |kaveeta 35925 0 Hindi :: हिंदी
देखो आशाओं का यान चला। चन्द्रमा को संदेसा लिए चंद्रयान चला। भारत का पैगाम, तिरंगे का निशान लिए बैज्ञानिको का स्वाभिमान लिए। चीर कर पृथ्वी के अवरोधों को, वायुमंडल और गुरुत्वाकर्षण के विरोधों को। वह प्रतिपल आगे बढ़ा। उसको पीछे करने की होड़ में,रुषि लूना भी बढ़ा। पर चंद्रयान के जैसा उसमे सामर्थ न था फिर वो समय भी आ गया ,दिलो में सभी के था उत्साह नया चंद्रयान ने चाँद पर पग धरा,समूचा भारत गौरवान्वित हुआ। #babajidikoli