shivkumar barman 13 May 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत #कविता95 #कविता #कविता_हिंदी 25835 0 Hindi :: हिंदी
बफिक्र से दिन रात कैसे गुज़ारूँ और कैसे काटूँ हर पल बस उसकी याद आती है हर सांस में उसका नाम, हर धड़कन में उसकी तस्वीर नज़र आती है। काश ये सब एक बुरा सपना होता, और मैं जाग जाता, पर अफ़सोस, ये तो हक़ीकत है, जिससे मैं भाग नहीं पाता। अब तो बस यही दुआ है, या तो वो मिल जाए मुझे, या फिर ये जान निकल जाए, इस दर्द भरी ज़िंदगी से उससे छुटकारा मिल जाए, बस यही दिल की है आरज़ू। लेकिन शायद मेरी क़िस्मत में तो बस दर्द ही लिखा है, और इस दर्द के साथ ही जीना होगा, यही है मेरी ज़िंदगी का क़िस्सा।