Anilkumar Rathwa (Sameer) 19 Aug 2025 कविताएँ अन्य ACB 19347 0 Hindi :: हिंदी
अंधेरों में जब लोभ पनपता है, जब रिश्वत का खेल जम जाता है, तब न्याय की आवाज़ बनकर, ACB का दीपक जल जाता है। जब झूठ और धोखे की दीवारें, ये साहस से तोड़ गिराते हैं, तब ईमानदारी का परचम लेकर, हर गुनहगार को पकड़ दिखाते हैं। न भय से डरते, न सत्ता से, सच की राह पर अडिग रहते हैं, देश के उज्ज्वल भविष्य के खातिर, भ्रष्टाचार से युद्ध करते हैं। सलाम है उन वीर सिपाहियों को, जो निडरता से खड़े हुए हैं, जनता के विश्वास को जीवित रखकर, भारत को उजियारे में लिए हुए हैं।