MD SHAYEED ALAM 29 Oct 2025 कविताएँ समाजिक कविता अभी तो सिर्फ चलना सीखा है हमने 19950 0 Hindi :: हिंदी
अभी तो सिर्फ चलना सीखा है हमने, अभी पूरी उड़ान बाकी है। अभी तो सिर्फ जमीन नापी है हमने, अभी पूरा आसमान बाकी है। ये जमाना कब तक रोकेगा हमें, ये हम भी देखेंगे, तोड़ देंगे सारी जंजीरें एक दिन, छूते हुए आसमान हमें सब लोग देखेंगे। सूरज की तपिश को सहा है हमने, चांद की चांदनी भी एक दिन हम देखेंगे ।।