Tanvi saini 30 Mar 2023 कविताएँ देश-प्रेम Best poem 70141 0 Hindi :: हिंदी
पर्यावरण दिवस
पेड़ काटने वाले तो काट गए
लेकिन क्या सोच कर चले गए
सोचा ये भी होता ,कि पेड़ काटने की जल्दबाजी में ,
वो किसी परिंदे का घर भी उजाड़ कर चले गए
कैसे एक पल में वो सब सुनसान कर चले गए
कैसे एक झटके में धरती का अपमान कर गए
बेजुबान जानवरों के साथ खिलवाड़ कर गए
आने वाले कल को अंधकार में कर चले गए
पर्यावरण की किसी को कोई चिंता ही नहीं
प्रदूषण भी बढ़ता जा रहा हैं दिन प्रतिदिन
पर्यावरण को बचाने के लिए कोशिश करो हर दिन