Trilok Chand Jain 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत Gulab/Rose day 46703 0 Hindi :: हिंदी
गुलाब तो गुलाब होता है खूबसूरत और लाजवाब होता है हर पत्ती की खुशबू जहन में एहसास सुन्दर कराती बखूबी से निराश मन को भी महकाती खिलता कमल क्रांति का निशान पर श्वेत गुलाब है शांति की पहचान प्रेम का संकेत है लाल इजहार का प्रतीक बेमिसाल कितनी इज्जत और महानता पायी हर किसी के दिल में तेरी रमणीयता समायी पर कौन जानता है तेरे संघर्ष को शोक अदृश्य है, बस देखते तेरे हर्ष को कांटों के बीच संवारा स्वयं को विपरीतता में विकसाया कण-कण को दबाकर शूल, बस खिलता रहा अपने को फना किया, तब इत्र बना और सौरभ बिखेरता रहा एक आदर्श व्यक्तित्व का परिचायक है तू प्रेरणा और जीवन कला का प्रदायक है तू तू प्यार की अमर गाथा आज के दिवस जग गुणगान तेरा गाता
Working Editor of Swadhyay Shiksha Magazine. Jainism teacher. Running Ph.D in Jain Jeevan Paddhat...