Rabindra kumar mandal 30 Mar 2023 कविताएँ धार्मिक #hindi kawita#prem kahani# adhyatm#jine ki tammna# geet# bhojpuri 29662 0 Hindi :: हिंदी
((मंदिर में भगवान् है)) हम शब्दों की नहीं भावनाओं को दर्शाते है, जब जब आस्था कमजोर पड़ती है,मंदिर चले आते है, आजकल परीक्षा के बिना ही परिणाम खोजते है, लोग मंदिर आने से पहले वरदान खोजते है, प्रभु तो कण कण में बसा है और हम उन्हें सिखाते है, हम शब्दों की नहीं भावनाओं को दर्शाते है, जब जब आस्था कमजोर पड़ती है,मंदिर चले आते है, कोई पूछता है मंदिर में भगवान् है, पत्थर की मूर्ति है या कुछ जान है, अरे मूर्ख अज्ञानी तुम कैसे पहचान पाओगे, चंद डिग्री पा लेने से तुम क्या दर्शन पाओगे, वो तो मीरा रैदास को बुलाने से आते है, हम शब्दों की नहीं भावनाओं को दर्शाते है, जब जब आस्था कमजोर पड़ती है,मंदिर चले आते है, तुम तो पुजारी को भी दक्षिणा देने से घबराते हो, खुद भ्रस्ट हो उन्हें पाखंडी बताते हो, जो निश्छल भाव से जाता है वो दर्शन पाते है, हम शब्दों की नहीं भावनाओं को दर्शाते है, जब जब आस्था कमजोर पड़ती है,मंदिर चले आते है, भौतिकता और विलासता के ,चादर ओढ़ के आते हो . फिर कुछ मिष्ठान चढ़ाकर उनको तुम मनाते हो, और बाहर अफवाह फैलाता भगवान् कहाँ आते है, हम शब्दों की नहीं भावनाओं को दर्शाते है, जब जब आस्था कमजोर पड़ती है,मंदिर चले आते है, राजा रंक और भिखारी, दानव मानव या पुजारी वो सबको दरश दीखlते है, भौतिकता के निर्बल चक्षु से देख नहीं पाते है हम शब्दों की नहीं भावनाओं को दर्शाते है, जब जब आस्था कमजोर पड़ती है,मंदिर चले आते है,