कविता केशव 30 Mar 2023 कविताएँ धार्मिक इच्छा अच्छा नहीं बनने देगी 30749 0 Hindi :: हिंदी
इच्छा त्यागो जरूरत पुरी कर लो पर इच्छा को कौन पुरी कर देगा! समझते है कि घर परिवार मान सम्मान सुख देगा, पर हर देह धारी हमको अपने ही रंग में रंग लेगा। सुख मिलता है खुद को खुद से दुसरे से नहीं, अपने अंदर जाकर देखो बाहर झांकने से नही। अपने स्वरूप अपने स्वभाव में ठहर जाओ, असली सुख और शांति को जी भरकर पायों। इच्छा पिछे जितना भागोगे इच्छा उतना ही भगाएगी, इच्छा छोड़ जरूरत पुरी करो मन को खुशी मिल जायेगी। इच्छा कभी अच्छा बनने नही देती है परवाह मत करो इच्छा की यह कभी चैन से जीने नही देती है। इच्छा त्याग कर अपने स्वमान में रहो, राजा हो तुम भिखारी नही, अपनी पहचान में रहो।