Ranjana sharma 30 Mar 2023 कविताएँ दुःखद Google 104702 0 Hindi :: हिंदी
क्यों होता है ऐसा
जिसपे करें हम भरोसा
उसी से मिलता है धोखा
अब दिल को आता नहीं
यंकी किसी पे भी कहीं
फिर कोई ठोकर न दे दें कहीं
फिर गिर के संभलेगें नहीं
हर चेहरे पे नकाब है
कैसे पहचाने यहां कौन है
एक चेहरे पे औढ़ा है कितने चेहरे
किसपे यकीं करे और किस पे न करें।
धन्यवाद