Bhavnajain 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक 17480 0 Hindi :: हिंदी
रिश्तो में उतार चढ़ाव आना मामूली है हर गली के बाद मोड़ आता है सीधे-साधे रोड पर ब्रेक आता है रिश्तो को तोड़ देना इसका हल नहीं प्रेम और विश्वास से पनपते हैं रिश्ते जिंदगी की पूंजी होते हैं ये निभाने सेमत कतराना। थकने पर ब्रेक ले लेना तोड़ना इसका हल नहीं रिश्ते लिवास की तरह नहीं जो अपने अनुकूल पहन लिए जाएं तोड़ना इसका हल नहीं।।