Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

तुम...

Uday singh kushwah 30 Mar 2023 कहानियाँ प्यार-महोब्बत 185719 4 5 Hindi :: हिंदी

तू...मुझे मिल न पायी,
    सौभाग्य से...।
        इसीलिए तो रोज
           मिलता हूँ,यादों में...।

नहीं तो तुम-हम,दूर-दूर
    होते इस स्वार्थी जमाने में...।
         जो तुमने... मेरी हथेली
              पर,वेल-वूटे वनाये थे...।

उनमें अब फूल 
    निकल आये हैं...।
        जब तुम्हारी...याद आती है
            तो...।

मैं...अपनी हथेलियों को
    सूंघ लेता हूँ...।

           यू.एस.बरी
लश्कर,ग्वालियर,म.प्र.

Comments & Reviews

Uday singh kushwah
Uday singh kushwah वाहहहह

3 years ago

LikeReply

Uday singh kushwah
Uday singh kushwah वाहह बहुत सुंदर सृजनकार है सर जी जी

3 years ago

LikeReply

Uday singh kushwah
Uday singh kushwah वाहह बहुत सुंदर सृजन जी

3 years ago

LikeReply

Shveta kaithwas
Shveta kaithwas Behad khubsurat

3 years ago

LikeReply

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

बहुत समय पहले की बात है रहमान चाचा के यहाँ एक चूहा रहता था. हर दिन की तरह उस दिन भी बाज़ार से गाँव लौटते वक़्त चाचा झोले में कुछ सामान लेकर � read more >>
सच्चे भाई सुबह की योगा क्लास लेने के बाद मैं पार्क से होते हुए बाजार वाली रोड पर सैर के लिए निकल पड़ी । सुबह के व� read more >>
लड़का: शुक्र है भगवान का इस दिन का तो मे कब से इंतजार कर रहा था। लड़की : तो अब मे जाऊ? लड़का : नही बिल्कुल नही। लड़की : क्या तुम मुझस read more >>
Join Us: