DINESH KUMAR KEER 09 May 2023 कहानियाँ समाजिक 48639 0 Hindi :: हिंदी
शिक्षा की सरिता... ये हे राजस्थान के झुंझुनू जिले कि शिक्षिका जिनकी पोस्टिंग वर्तमान मे राजसमन्द जिले के काडा गांव मे है, इन्होने अपने विद्यालय को हि अपना घर माना और स्टूडेंट्स को अपने हि परिवार के सदस्य समझे । जब इनकी पोस्टिंग हुई तब विद्यालय मे केवल 2 कमरे और रसोई घर था । बच्चे स्कूल नहीं आए थे, जिन बच्चों का कोई सहारा नहीं था उनको इन्होने गोद लिया और जितनी हो सकी उतनी हर संभव मदद करी, जब इनको सरकार कि तरफ से भी कोई आशा नजर ना आने पर अपने वेतन एवं कुछ भामाशाहों कि मदद से विद्यालय का मुहैया कराया, लाइट फिटिंग, रंगाई व अन्य सभी सुविधांए उपल्ब्ध कराई । घर जा जा कर बच्चों एवं साथ साथ उनके माता पिता को भी उनके बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित किया । स्कूल मे खिलौना बैंक एवं स्टेशनरी बैंक आदि खोले । बच्चों के विद्यालय आ जाने पर भी काफी समस्या जैसे भाषा कि, या कुछ बच्चों को पढ़ते पढ़ते नींद आ जाती थी तो उनको खेल खेल के साथ पढ़ना सिखाया । विद्यालय के चार दीवारी कराई । विद्यालय मे बच्चे नहा कर नहीं आते थे तो उन्हें वही पर नहलाना शुरू किया । टीचर्स डे पर आप जैसे हर शिक्षक और शिक्षिका को देश पर गर्व है । आज पूरे देश को इन्ही के जैसे अध्यापको कि जरुरत है...