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सभी चाहते हैं भगत सिंह फिर से पैदा हो...

Anurag Tiwary 30 Mar 2023 कहानियाँ देश-प्रेम @_Bhagat_singh @yuva_diwas @national_youth_day @12_january @bharat_ka_yuva @krantikari_kalam @anurag_tiwari_sahitya_live @young_writer @vivekanand @yuva_diwas_bhashan @anurag_tiwari 54478 0 Hindi :: हिंदी

🙏अनुराग_तिवारी🙏: *सभी चाहते हैं भगत सिंह फिर से पैदा हो, पर मेरे घर में नहीं, पड़ोसी के घर में पैदा हो*
 
     गर्व की बात है कि आज पूरे विश्व मे सबसे अधिक युवा भारत देश में है ! लेकिन फिर भी भारत विकसित ना होकर विकासशील देशों की श्रेणी में आता है इसका मुख्य कारण है भारतीय युवाओं को सही दिशा ना मिल पाना और अगर उन्हें सही दिशा मिलता भी है, तो फिर उनमें वह साहस वह जुनून नहीं दिखाई देता है जो एक युवा में होना चाहिए ! 
   हमारे ही देश में अनेकों नेट युवाओं के उदाहरण जिन्हें पूरा राष्ट्र गर्व से उन्हें अपना आदर्श मानकर पूछता है ऐसा ही एक नाम है - शहीद भगत सिंह! एक ऐसा नाम जिसे सुनते ही शरीर में रक्त संचार का प्रवाह कई गुना तेज जाता है हम ऊर्जा से भर जाते हैं देश के प्रति कुछ अच्छा कर गुजरने का विचार मन में उठने लगता है! 
    आज सभी चाहते हैं कि भगत सिंह फिर से पैदा हो, परंतु मेरे घर में नहीं बल्कि पड़ोसी के घर में पैदा हूं क्योंकि अगर भगत सिंह मेरे घर में पैदा होंगे तो पुणे स्वयं को देश सेवा के लिए समर्पित हो जाएंगे !  अन्याय, भ्रष्टाचार और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाएंगे दलालों की कमर तोड़ देंगे झूठे वादे कर सत्ता में आने वाले राजनीतिज्ञों की ईट से ईट बजा कर रख देंगे निम्न वर्गीय परिवार एवं मध्यम वर्गीय परिवार का आवाज बुलंद हो जाएगा! अपने देश धर्म और संस्कृति पर होते हुए आघात को देखकर मुक बधिर बनकर नहीं बैठेगा , एक नई सोच के साथ क्रांति करेगा और एक बार पुन:  भारत सुरक्षित हो जायेगा ! 
     शायद इसी डर से हर कोई सोचता है की हमारे घर में पैदा ना हो बल्कि पड़ोसी के घर में पैदा और इसी सोच का परिणाम है कि आज हम अपने बच्चों को सिर्फ पढ़ाई करके उन्हें तो साक्षर बनाना चाहते हैं परंतु समाज का परिचय करवाना भूल जाते हैं और फिर निष्कर्ष यह होता है कि वह बच्चा बड़ा होकर जब नौकरी करने लगता है तो वह अपने समाज और देश को भूल कर अपने परिवार तक ही सीमित हो जाता है और व्यक्तिगत जीवन यापन कर लगता है और कभी कभी तो समाज में या भी देखने को मिलता है कि वह अपने माता-पिता तक को भूल जाता है!  तो कभी वह सड़क पर बाइक से फर्राटे भरते हुए किसी का पीछा करता हुआ नजर आता है और अगर कोई युवा आगे आकर समाज का नेतृत्व भी करना चाहिए तो समाज के चंद लोगों के द्वारा उसके आवाज को भी दबाने की कोशिश की जाती है जिससे भयभीत होकर वह अपने इरादे बदल लेता है ! 
     अतः में पूरे समाज से करबद्ध निवेदन करता हूं कि वह अपने बच्चों को परिवार के साथ साथ समाज व देश के प्रति कर्तव्य को भी बताएं ताकि आने वाले भविष्य में हर एक युवा के अंदर एक भगत सिंह दिखाई दे जो समाज को भ्रष्टाचार अन्याय व शोषण किस से मुक्त करके एक नई दिशा दे सकें संपूर्ण समाज तथा राष्ट्र का नेतृत्व कर सके ऐसा भगत सिंह फिर से हर गली हर मोहल्ला हर गांव हर शहर हर जिला हर राज संपूर्ण भारत में मिले, फिर हमारा राष्ट्र भी पुनः अखंड भारत बंद कर विश्व गुरु बन जाएगा !
 

✍🏻 *अनुराग तिवारी*

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