Ranjana sharma 30 Mar 2023 कहानियाँ प्यार-महोब्बत Google 106996 0 Hindi :: हिंदी
हंस और हंसिनी दोनों एक- दूसरे से बहुत प्रेम करते थें दोनों साथ में कसमें खाए,वादें किए, पर जब निभाने का वक़्त आया तो निभाया उस हंसिनी ने क्योंकि हंस को तो कोई और ही मिल गया था वो किसी और से प्यार करने लगा था।जिंदगी के अंतिम चरण में हंसिनी ने हंस को बुलाया उसे लगा कभी अगर मुझसे प्यार किया होगा तो जरूर आएगा हंस आया भी क्योंकि हंस ने जिसके लिए हंसिनी को छोड़ दिया था उसने ही उसे छोड़ दिया।अंतिम समय पर हंस हंसिनी से माफी मांगता तब हंसिनी जवाब में कहती ----------
बहुत देर हो गई मेरे सनम
अब तो जाने का वक़्त आ गया
अंतिम विदा हम लेते हैं और
तुमसे ऎ कहते हैं
देखो तुम भी होना न खफा
अब तो जाने का वक़्त आ गया
तब रोते हुए हंस कहता,नहीं ऐसा मत कहो तुम्हें मेरे लिए अभी जीना होगा। मैं तुमसे बिछड़ के कैसे रह सकता हूं और रोते- रोते पूछता है ------------
कैसे जिएगें हम तेरे बिन
अब तो ऎ भी बता कर जा
तब हंसिनी उससे बड़े प्रेम से कहती-----------
यादों को तुम भूल ना जाना
उसके सहारे ही तुम जी लेना
फिर हंस उसे अपने हृदय से लगाकर पूछता है----------
कैसे कटेगें ऎ दिन - रैन
अब तो ऎ भी बता कर जा
उसके बाहों में हंसिनी अपना सर रखती और कहती---------
बहुत देर हो गई मेरे सनम
अब तो जाने का वक़्त आ गया
और हंस के बाहों में वह अंतिम सांस ले लेती।
वे दोनों हमारे लिए यह संदेश छोड़ जाते हैं कि "जो अभी हमारे पास है उसकी कदर करो किसी और के लिए उसे मत खो,जो तुम्हारे लिए जी रहा है और जिसका तुम्हारे सिवा कोई नहीं है।"
धन्यवाद