Archana Singh 13 May 2023 कहानियाँ समाजिक 69651 0 Hindi :: हिंदी
नमस्ते दोस्तों 🙏🙏 दोस्तों ! आज की कहानी का शीर्षक है ... " " निस्वार्थ सेवा " ! बहुत पुरानी बात है , एक राजा अपने रियासत के गांव का भ्रमण कर रहे थे । उन्होंने भ्रमण करते - करते एक बगीचे में जाकर एक पेड़ के नीचे थोड़ा सा विश्राम करना चाहा । तभी उन्हें कुछ आवाज सूनी ..... " ये कैसी और कहां से आवाज आ रही है "...? उनका ध्यान उस आवाज की तरफ गया । तो देखा एक वयोवृद्ध व्यक्ति आम का छोटा सा पौधा लगाने की तैयारी कर रहा था । वह बूढ़ा वृद्ध व्यक्ति इतना ज्यादा वृद्ध था कि उसके शरीर के मांस ने उसके हड्डी का साथ छोड़ दिया था । मानो पूरे शरीर में केवल हड्डियों का ढांचा ही नजर आ रहा था । वह बुढ़ा खुरपी से जमीन में गड्ढा खोद रहा था । सूरज की किरणें भी अपने पूरे जोश में थी ।भीषण गर्मी के कारण उस वृद्ध का शरीर पसीने से तरबतर हो गया था , किंतु अति संतोष का भाव उसके चेहरे पर था । वह मन ही मन मुस्कुरा रहा था और कुछ गुनगुना रहा था । राजा ने आश्चर्य से उसके पास पहुंच विनम्रता पूर्वक पूछा : " बाबा ! आप इस वृद्धावस्था में आम का पौधा लगाने के लिए इतना परिश्रम क्यों कर रहे हैं .....? क्या आप जानते हो कि जब तक ये आम का पौधा पेड़ बनेगा तब तक इसके फल खाने के लिए आप इस धरती पर जीवित रहोगे "....? बूढ़े ने अपने हाथ की खुरपी को जमीन पर रख दिया और हाथ जोड़कर बोला : " महाराज ! दूसरे लोगों ने वर्षों पहले जो पौधे लगाए थे उनके पेड़ बनने के बाद उनकी फल को मैं आज तक खाता आ रहा हूं ,,,,, तो क्या मेरा फर्ज नहीं है कि मैं भी उसी प्रकार से वृक्ष लगाऊ ,,,, जो मेरे बाद औरों को फल दे । हां मैं इस पेड़ का फल खाने के लिए जीवित नहीं रहूंगा , पर जो भी इस पेड़ की फल को खाएगा , वो एक ना एक बार अनजाने में ही मुझे याद जरूर करेगा ~~~~~~ ..... और मरने के बाद अगर कोई किसी को अच्छे कर्मों से याद करता है तो समझ जाइए कि मरने के बाद भी वो अपने अच्छे कर्मों से जीवित ही रहता है । राजा को बूढ़े बाबा का उत्तर सुनकर बहुत खुशी हुई । उनकी निस्वार्थ सेवा भाव परोपकार भाव से वो मंत्रमुग्ध हो गए । वो मन - ही - मन बोले :" मुझे आज तक मालूम नहीं था मेरे राज्य में ऐसे भी निस्वार्थ सोच वाले महान व्यक्ति हैं " ~~~~~~ ..... और राजा अपने दोनों हाथ जोड़कर उनके सामने नतमस्तक हो गया । इस कहानी से हमें ये सीख मिली कि " आज हम अगर कुछ अच्छा काम करते हैं , तो उसका फल आने वाले पीढ़ी को मिलेगी " । दोस्तों ! ये कहानी एक प्रेरणादायक थी । इंसान सिर्फ अपने लिए नहीं जीता है , बल्कि वो तो दूसरों के लिए जीता है और निस्वार्थ सेवा करता है । आइए हम भी एक छोटा सा पौधा लगाएं , हम रहे या ना रहे , हमारे आने वाली पीढ़ी , उन पेड़ों के फल , फूल और छांव का फायदा उठा सकें । धन्यवाद दोस्तों 🙏🙏💐💐