Ramiz Aziz Khan 30 Mar 2023 कहानियाँ प्यार-महोब्बत मेरी नानी 46094 0 Hindi :: हिंदी
मेरी नानी का नाम बशीरा था। उनका जन्म देगलूर महाराष्ट् राज्य में हुआ था। उनके पीता एक शिक्षक थे। मेरी नानी चौंथी तक पढ़ी थी। बाद में मेरे नाना मोहम्मद अफजल अली से उनकी शादी हुई थी और उन्हें चार लड़के और पाँच लड़कियां हैं। मैं उनका नवासा हूं। मैं जब पाच वर्ष का था तब मेरे नाना नानी के पास पढ़ने के लिए आया था। मेरी नानी मेरी बहुत देखभाल करती थी। मैं जब पह़ली कक्षा में था तब मेरे लिए स्कूल का डिब्बा मुझे दिया था।डिब्बा अभी तक मेरे पास है। मेरी नानी मुझे कम गुस्सा करते थे। मैं उनका लाड़का था। नानी मुझे स्कूल में मन लगाकर पढ़ने का बोलते थे। मैं जब पास हुआ तो मुझे कोट पैंट दिलाया था नानी ने। मुझे अच्छी आदत लगाते थे। फिर एक दिन मेरे नानी को दिल का दौरा पड़ने से उनका देहान्त हो गया। मैं उनके लिए दुआं करता हूँ रोज। रमीज खान