Poonam Mishra 20 May 2023 कहानियाँ समाजिक मेरा फल भगवान को मिल गया 17129 0 Hindi :: हिंदी
मैंने जल्दी-जल्दी घर के सारे काम निपटा है बच्चों का टिफिन लगाया पति को टिफिन दिया खुद अपना टिफिन बनाया और मैं जल्दी से ऑटो पकड़ कर अपने स्कूल पहुंचना चाहती थी 10:00 बजे का स्कूल था परंतु मैं घर पर ही 9,45 हो चुका था मैं कब पहुंच जाऊंगी घबराहट में थी रास्ते में गणेश भगवान को चढ़ाने के लिए एक फल ले लिया क्योंकि मेरी स्कूल के रास्ते में पड़ता है तो मैंने सोचा कि यह फल मैं रोज ही चढ़ाते हूं आज भगवान को चढ़ाते हुए स्कूल पहुंच जाऊंगी परंतु ट्रैफिक की वजह से मुझे रास्ते में ही 10:00 बज गया मैं जल्दी-जल्दी ऑटो वाले से बोल रही थी कि मुझे स्कूल तक पहुंचाओ एक जगह पर सिग्नल की वजह से ऑटो रुका मैं फल निकालकर हाथ में ली मैंने सोचा कि मैं तुरंत उतर कर इसे भगवान जी को चढ़ा देंगे परंतु यह क्या एक छोटा सा बालक दौड़ते हुए आया मेरे हाथ से फल ले लिया और खुशी-खुशी खाते हुए मुझे बाय करते हुए आगे निकल गया मैं यह देखकर दंग रह गई और मन ही मन सोचने लगी कि मेरा फल भगवान को मिल गया