Pandit Vishal Mishra 30 Jan 2025 कहानियाँ धार्मिक #अंदरूनी एकता #रावण-राम संवाद # सत्य वचन 25717 0 Hindi :: हिंदी
रावण जब मृत्यु शय्या पर था, तो उसने श्रीराम से एक बहुत ही अच्छी बात कही कि, मैं तुमसे हर मामले में बड़ा हूँ, उम्र में, बुद्धि में, बल में, मेरा कुटुम्ब भी तुमसे बड़ा है, मेरी लकां सोने की है, धन दौलत में भी मेरा राज्य भी तुमसे बड़ा है, इन सबके बाद भी में हार गया, जानते हो क्यों, क्योंकि तुम्हारा भाई तुम्हारे साथ था, और मेरा भाई मेरे खिलाफ था. अंदरुनी एकता बनाये रखो, क्योकि :- किसी भी पेड़ के कटने का किस्सा न होता, अगर कुल्हाड़ी के पीछे लकड़ी का हिस्सा न होता पंडित विशाल मिश्रा।