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माँ तेरे दर्शन को घर से निकल पड़ा हूँ

BALDEV RAJ 30 Mar 2023 गीत धार्मिक नवरात्रि में माँ के दर्शन की इच्छा 61071 0 Hindi :: हिंदी

माँ  तेरे दर्शन को  घर से निकल पड़ा हूँ, 
कब होंगें दर्शन तेरे ,  
मन उदास है बड़ा है, पल-पल तुझे पुकारे, 
कब  होंगें दर्शन तेरे
 माँ तेरे दर्शन----
अपने अवगुण देख के माँ, चलते-चलते रूक जाता हूँ, 
कैसे मिलु मैं आप से माँ, सोच-सोच घबराता हूँ |
 माँ तेरे दर्शन----
मेरे अवगुणों पर ध्यान न देना माँ ,
बस इतनी दया करना
अपने आचंल में छुपा लेना, चरणों में बिठा लेना,
 माँ तेरे दर्शन---
जब दर तेरे पर आऊँ, मुझे अपना बना लेना, अपनी गोद में बिठा लेना, 
गुनहगार हूँ, बेशक , एक बार तो माफी का हकदार हूँ माँ |
अब की बार तो दर्शन दे दो माँ, अब की बार तो दर्शन दे दो माँ, 
माँ तेरे दर्शन----
 

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