Adesh Kumar 08 Jan 2025 गीत हास्य-व्यंग हास्य गीत, गीत, हास्य कविता kavita in hindi kavita in hindi text 33833 0 Hindi :: हिंदी
रो -रो जाड़े काट रहे...हम रड़ुआ भाई रे...... मेरे प्यारे मोदी जी, दिलवादो लुगाई रे....... लगता हम रडुओ से... विधाता भी रूठ गए.. ढलती जवानी है... आधे दांत भी टूट गए.. पेट से लगाके घुटने, सारी ठंडें बिताई रे... मेरे प्यारे मोदी जी,दिलवादो लुगाई रे...... लगता हम रडुओ की...किस्मत भटक रही .. देख के पड़ोसन को... लारी टपक रही... फेस पे लगाके मैकअप, क्या सूरत सजाई रे...... मेरे प्यारे मोदी जी, दिलवादो लुगाई रे..... या हम रडुओ की.. भर्ती करवादो जी... या खोद गड्ढे में.. सबको गड़वादो जी.. अपने घर भगाती है मुझे मेरी भौजाई रे.... मेरे प्यारे मोदी जी दिलवादो लुगाई रे..... रो -रो जाड़े काट रहे हम रड़ुआ भाई रे...… मेरे प्यारे मोदी जी दिलवादो लुगाई रे......