Radheshyam Joshi 02 Feb 2026 गीत बाल-साहित्य 11057 0 Hindi :: हिंदी
तपती दुपहरी और तेज धूप, छोटा सा आसियान मेरा भी है। आप के आराम के वक्त, मैं भी आई थी। तपती दुपहरी में सो रहे थे आप, मैं मुंडेर से पुकार कर लौट आई। 'कूलर' की कर्कस आवाज ने, मेरी करूण पुकार को दबा दिया।। - राधेश्याम जोशी कोहिणा